About Us
About us Rashtriya Patrakar Suraksha Parishad
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद एक राष्ट्रीय स्तर का संगठित एवं अनुशासित पत्रकार संगठन है, जिसका मुख्य उद्देश्य देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और न्याय को सुनिश्चित करना है। यह परिषद पत्रकारों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर सक्रिय रूप से कार्य करती है।
हमारा संगठन पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत सभी पत्रकार साथियों को एक मजबूत मंच प्रदान करता है, जहाँ उन्हें एकता, सहयोग, कानूनी सहायता और आपातकालीन सुरक्षा का भरोसा मिलता है।
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद का इतिहास
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद का इतिहास (Rashtriya Patrakar Suraksha Parishad – इतिहास)
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की स्थापना पत्रकारों की बढ़ती समस्याओं, असुरक्षा, उत्पीड़न और स्वतंत्र पत्रकारिता पर हो रहे हमलों के विरुद्ध एक सशक्त और संगठित आवाज़ के रूप में की गई थी।
स्थापना की पृष्ठभूमि:*
बीते वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों से यह देखने में आया कि पत्रकार, विशेषकर ग्रामीण और स्वतंत्र पत्रकार, अपने पेशेवर कर्तव्यों के दौरान विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
* कहीं उन्हें धमकाया गया,
* कहीं शारीरिक हमले हुए,
* तो कहीं राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव डाला गया।
इन हालातों ने यह स्पष्ट कर दिया कि पत्रकारों को एक ऐसे मंच की ज़रूरत है जो न सिर्फ उनकी आवाज़ बने, बल्कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ा हो।
स्थापना वर्ष:
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की स्थापना वर्ष 20XX कुछ वरिष्ठ पत्रकारों और मीडिया विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में की गई।
प्रारंभिक उद्देश्य:
* पत्रकारों को संगठित करना
* उनकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना
* एक राष्ट्रीय स्तर का ऐसा मंच बनाना जो बिना किसी राजनीतिक या व्यवसायिक दबाव के, निष्पक्ष रूप से कार्य करे।
प्रारंभिक कार्य:
* राज्य स्तर पर सदस्यता अभियान
* पत्रकारों के साथ हुए अत्याचारों के खिलाफ प्रेस विज्ञप्तियां और प्रदर्शन
* पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर जनजागरण
वर्तमान स्थिति:
आज परिषद के सदस्य देशभर में फैले हुए हैं। परिषद की राज्य, जिला और तहसील स्तर तक इकाइयाँ कार्यरत हैं जो पत्रकारों की सुरक्षा, प्रशिक्षण, सहायता और संगठन के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
“राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों की एक सशक्त ढाल है।”
परिषद के बारे में
परिषद के बारे में – राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद (Rashtriya Patrakar Suraksha Parishad)
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और गैर-राजनीतिक संगठन है, जिसकी स्थापना देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक सम्मान के उद्देश्य से की गई है।
मुख्य उद्देश्य:
* पत्रकारों को एक संगठित मंच प्रदान करना
* पत्रकारों के कानूनी, सामाजिक व आर्थिक अधिकारों की रक्षा करना
* पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग और उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित कराना
* पत्रकारों को आपातकालीन सहायता प्रदान करना
* प्रेस स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखना
हम क्या करते हैं:
* पत्रकारों को मान्यता देने के लिए प्रेस ID कार्ड और सदस्यता प्रमाण पत्र जारी करना
* किसी भी उत्पीड़न या हमले की स्थिति में तत्काल सहायता व कानूनी समर्थन
* पत्रकारों के हित में याचिका, आंदोलन और संवाद
* प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और सेमिनार का आयोजन
* पत्रकारों को सम्मानित करना और उनकी सामाजिक सुरक्षा की दिशा में कार्य करना
हमारी पहुंच:
परिषद की शाखाएं देश के विभिन्न राज्यों, जिलों और तहसीलों तक फैली हुई हैं, जो ज़मीनी स्तर पर पत्रकारों से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझती हैं और समाधान के लिए प्रयास करती हैं।
हमारा विश्वास:
“पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। इसे सुरक्षित और सशक्त बनाना हमारा कर्तव्य है।”
अगर आप भी पत्रकारिता से जुड़े हैं और अपने अधिकारों व सुरक्षा के लिए एक मज़बूत संगठन का हिस्सा बनना चाहते हैं — तो राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद से जुड़ें और अपनी भूमिका को और सशक्त बनाएं।
पत्रकार सुरक्षा गाइड
पत्रकार सुरक्षा गाइड
(Journalist Safety Guide – राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद द्वारा अनुशंसित)
पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। सच को सामने लाने के दौरान पत्रकारों को कई बार धमकी, दबाव, हमले, कानूनी नोटिस और मानसिक तनाव जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद पत्रकार साथियों के लिए यह सुरक्षा गाइड प्रस्तुत करती है, ताकि हर पत्रकार सुरक्षित रहकर निष्पक्ष पत्रकारिता कर सके।
1. व्यक्तिगत सुरक्षा (Personal Safety)
हमेशा सतर्क रहें, विशेषकर संवेदनशील क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के दौरान।
किसी भी स्थान पर जाने से पहले वहाँ की स्थिति का सही आकलन करें।
तनावपूर्ण माहौल या विवादित क्षेत्रों में बिना जानकारी और सुरक्षा के प्रवेश न करें।
रात के समय अकेले रिपोर्टिंग करने से बचें (जब तक अत्यंत आवश्यक न हो)।
विरोध प्रदर्शन या भीड़ में रिपोर्टिंग के दौरान हेलमेट, मास्क और प्रेस जैकेट का उपयोग करें।
परिवार या विश्वसनीय व्यक्ति के साथ अपनी लोकेशन साझा करें।
2. डिजिटल सुरक्षा (Digital Safety)
आज के समय में पत्रकारों के लिए डिजिटल सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए:
मोबाइल और लैपटॉप में मजबूत पासवर्ड जरूर लगाएं।
संवेदनशील डेटा को सुरक्षित क्लाउड या पासवर्ड-प्रोटेक्टेड स्टोरेज में रखें।
सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी या लोकेशन साझा करने से बचें।
अनजान लिंक, ईमेल या फाइल डाउनलोड करने से पहले सावधानी बरतें।
दो-चरणीय सुरक्षा (Two-Factor Authentication / 2FA) का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।
3. कानूनी सुरक्षा (Legal Safety)
कानूनी जानकारी और सतर्कता पत्रकारों को कई बड़े संकटों से बचा सकती है।
हमेशा अपने पास प्रेस आईडी कार्ड और संगठन की सदस्यता पहचान पत्र रखें।
रिपोर्टिंग से पहले संबंधित क्षेत्र के कानून और नियमों की जानकारी लें।
यदि कोई नोटिस, धमकी या कानूनी दबाव आए, तो तुरंत परिषद एवं कानूनी सलाहकार से संपर्क करें।
रिपोर्टिंग में भड़काऊ, अपमानजनक या पक्षपातपूर्ण भाषा से बचें।
4. संवाद और नेटवर्किंग (Communication & Networking)
अपने क्षेत्र के अन्य पत्रकारों के साथ मजबूत संपर्क बनाए रखें।
संकट की स्थिति में अकेले न रहें, सामूहिकता सबसे बड़ी शक्ति होती है।
आपातकाल में अपनी जिला/राज्य इकाई और परिषद से तुरंत संपर्क करें।
स्थानीय प्रशासन, पुलिस और अधिकारियों से सकारात्मक संबंध बनाए रखें।
5. आपातकालीन स्थिति में क्या करें? (Emergency Actions)
यदि किसी भी प्रकार का खतरा या हमला हो, तो तुरंत:
स्थानीय पुलिस स्टेशन में सूचना दें
परिषद की स्थानीय इकाई या हेल्पलाइन पर संपर्क करें
घटना से संबंधित फोटो/वीडियो/ऑडियो सबूत सुरक्षित रखें
FIR दर्ज कराने से न डरें — संगठन आपके साथ है
6. मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्मबल (Mental Health & Strength)
लगातार तनाव, दबाव और खतरों के कारण मानसिक परेशानी होना सामान्य है। इसलिए:
अपने अनुभव वरिष्ठ पत्रकारों या साथियों से साझा करें
समय-समय पर मानसिक विश्राम (Mental Break) लें
परिवार और मित्रों के संपर्क में रहें
आवश्यकता पड़ने पर काउंसलिंग या मार्गदर्शन लें
निष्कर्ष (Conclusion)
“सच्चाई की राह कठिन हो सकती है, लेकिन आपकी सुरक्षा सर्वोपरि है।”
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद का उद्देश्य है कि हर पत्रकार सुरक्षित, निर्भीक और सम्मान के साथ पत्रकारिता कर सके।
हम सदैव आपके साथ हैं —
आपकी आवाज़, आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प।
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की संरचना
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की संरचना
(Rashtriya Patrakar Suraksha Parishad – Organization Structure)
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद एक संगठित, अनुशासित एवं मजबूत ढांचे के अंतर्गत कार्य करती है, जिससे संगठन की कार्यप्रणाली प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी बनी रहती है।
हमारी संगठनात्मक संरचना का उद्देश्य देश के प्रत्येक कोने में पत्रकारों को जोड़ना, उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देना और उन्हें उचित समाधान एवं सुरक्षा प्रदान करना है।
1. राष्ट्रीय स्तर (National Level)
राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की नीतियाँ, दिशा और कार्ययोजना तय की जाती है। इसमें निम्न प्रमुख पद शामिल होते हैं:
राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President)
संगठन का सर्वोच्च पद, जो पूरे देश में परिषद की नीति, दिशा और नेतृत्व का संचालन करता है।राष्ट्रीय महासचिव (National General Secretary)
संगठन के प्रशासनिक कार्यों की निगरानी एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभाता है।राष्ट्रीय प्रवक्ता / मीडिया प्रभारी
मीडिया, प्रेस और जनसंपर्क से जुड़े कार्यों का संचालन करता है।राष्ट्रीय सलाहकार मंडल (Advisory Council)
वरिष्ठ पत्रकारों, विशेषज्ञों एवं मार्गदर्शकों की टीम जो संगठन को नीति निर्माण एवं निर्णय प्रक्रिया में सहयोग देती है।
2. राज्य स्तर (State Level)
राज्य स्तर पर संगठन का संचालन और नियंत्रण राज्य इकाई द्वारा किया जाता है। इसमें शामिल हैं:
राज्य अध्यक्ष
राज्य में परिषद का नेतृत्व करता है और सभी गतिविधियों का मार्गदर्शन करता है।राज्य सचिव / महासचिव
राज्य के अंतर्गत आने वाली सभी इकाइयों के कार्यों का समन्वय करता है।राज्य प्रवक्ता / मीडिया प्रभारी
राज्य स्तर पर मीडिया समन्वय एवं सूचना प्रसारण का कार्य करता है।राज्य कार्यकारिणी सदस्यगण
विभिन्न विभागों जैसे सदस्यता, प्रशिक्षण, आयोजन, महिला इकाई आदि की जिम्मेदारी निभाते हैं।
3. जिला स्तर (District Level)
जिला इकाई संगठन की जमीनी कार्यप्रणाली का मुख्य आधार होती है। इसमें निम्न पद शामिल होते हैं:
जिला अध्यक्ष
जिले में संगठन की गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का संचालन करता है।जिला महासचिव / सचिव
जिला स्तर पर प्रशासनिक कार्यों और समन्वय की जिम्मेदारी निभाता है।प्रेस कार्ड / सदस्यता प्रभारी
सदस्यता प्रक्रिया और पहचान पत्र (Press Card) से संबंधित कार्यों का संचालन करता है।मीडिया प्रभारी
स्थानीय मीडिया संपर्क एवं जनसंपर्क कार्यों को संभालता है।कार्यकारिणी सदस्य
संगठन के कार्यक्रमों, बैठकों और अभियानों में सहयोग करते हैं।
4. तहसील / ब्लॉक स्तर (Tehsil / Block Level)
यह इकाई स्थानीय स्तर पर पत्रकारों को संगठन से जोड़ने और त्वरित सहायता प्रदान करने का कार्य करती है:
ब्लॉक अध्यक्ष
ब्लॉक सचिव
स्थानीय संवाददाता समन्वयक
स्थानीय सदस्य प्रबंधन टीम
5. महिला एवं युवा प्रकोष्ठ (Women & Youth Wing)
परिषद महिला पत्रकारों एवं युवा पत्रकारों के लिए विशेष प्रकोष्ठ संचालित करती है, जिसका उद्देश्य उनकी भागीदारी बढ़ाना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करना है।
विशेष इकाइयाँ (Special Units)
पत्रकारों की सहायता और सुरक्षा के लिए परिषद द्वारा विशेष इकाइयाँ बनाई गई हैं:
कानूनी सहायता प्रकोष्ठ
आपातकालीन सहायता टीम
प्रशिक्षण एवं कार्यशाला विभाग
सोशल मीडिया सेल
निष्कर्ष
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की यह संरचना संगठन को मजबूत, अनुशासित और प्रभावी बनाती है, जिससे हर पत्रकार को उसके स्तर पर प्रतिनिधित्व, सहायता, सुरक्षा और सम्मान मिल सके।
“संगठन की शक्ति, संरचना की मजबूती में होती है।”